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हिन्दी अधिकारी

  • अधिसूचना

    संसदीय कार्य मंत्रालय

    नई दिल्ली, 7 जुलाई, 2001

    सा0का0नि0 360 - राष्ट्रपति, संविधान के अनुच्छेद 309 के परंतुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और संसदीय कार्य मंत्रालय (भर्ती और

    सेवा शर्तें ) नियम 1963 को जहां तक उनका संबंध हिन्दी अधिकारी के पद से है, को अधिक्रांत करते हुए सिवाय उन बातों के जिन्हें ऐसे

    अधिक्रमण से पूर्व किया गया है या करने से लोप किया गया है, संसदीय कार्य मंत्रालय में हिन्दी अधिकारी के पद पर भर्ती की पद्धति का

    विनियमन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात् :-

    1 संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ .- (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम संसदीय कार्य मंत्रालय, हिन्दी अधिकारी भर्ती नियम, 2001 है ।

    ये राजपत्र में प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त्त होंगे।

    2. पद-संख्या, वर्गीकरण और वेतनमान :- उक्त पद की संख्या, उसका वर्गीकरण और उसका वेतनमान वह होगा, जो इन नियमों से उपाबद्ध

    अनुसूची के स्तंभ 2 से स्तंभ 4 में विनिर्दिष्ट हैं ।

    3. भर्ती की पद्धति, आयु-सीमा, और अर्हताएं आदि : उक्त पद पर भर्ती की पद्धति, आयु-सीमा, अर्हताएं और उससे संबंधित अन्य बातें वे होंगी

    जो उक्त अनुसूची के स्तंभ 5 से स्तंभ 14 में विनिर्दिष्ट हैं ।

    4. निरर्हता : वह व्यक्ति -

    (क) जिसने ऐसे व्यक्ति से जिसका पति या जिसकी पत्नी जीवित है, विवाह किया है, या

    (ख) जिसने अपने पति या अपनी पत्नी के जीवित रहते हुए किसी व्यक्ति से विवाह किया है,

    उक्त पद पर नियुक्ति का पात्र नहीं होगा।

    परन्तु यदि केन्द्रीय सरकार का यह समाधान हो जाता है कि ऐसा विवाह ऐसे व्यक्ति और विवाह के अन्य पक्षकार को लागू स्वीय विधि के

    अधीन अनुळ्ोय है और ऐसा करने के लिए अन्य आधार हैं तो वह किसी व्यक्ति को इस नियम के प्रवर्तन से छूट दे सकेगी ।

    5. शिथिल करने की शक्ति : - जहां केन्द्रीय सरकार की यह राय है कि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है, वहां वह उसके लिए जो कारण हैं

    उन्हें लेखबद्ध करके, तथा संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श करके, इन नियमों के किसी उपबंध को किसी वर्ग या प्रवर्ग के व्यक्तियों की

    बाबत, आदेश द्वारा शिथिल कर सकेगी ।

    6. व्यावृत्ति:- इन नियमों की कोई बात, ऐसे आरक्षण, आयु-सीमा में छूट और अन्य रियायतों पर प्रभाव नहीं डालेगी, जिनका केन्द्रीय सरकार

    द्वारा इस संबंध में समय-समय पर निकाले गए आदेशों के अनुसार अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्गों, भूतपूर्व

    सैनिकों और अन्य विशेष प्रवर्ग के व्यक्तियों के लिए उपबंध करना अपेक्षित है ।

    अनुसूची

    पद का नाम पदों की संख्या वर्गीकरण वेतनमान चयन-सह-ज्येष्टता या योग्यता के आधार पर चयन अथवा अचयन पद सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए आयु सीमा
    (1) (2) (3) (4) (5) (6)
    हिन्दी अधिकारी

    *1 (2001)

    *कार्यभार के आधार पर परिवर्तन किया जा सकता है ।

    साधारण केन्द्रीय सेवा समूह ``ख`` राजपत्रित, अनुसचिवीय रू . 6500-200-10500 लागू नहीं होता लागू नहीं होता
    सेवा में जोड़े गए वर्षों का फायदा केन्द्रीय सिविल सेवा (पेंशन ) नियम, 1972 के नियम 30 के अधीन अनुळ्ोय हैं या नहीं सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षित शैक्षिक और अन्य अर्हताएं सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए विहित आयु और शैक्षिक अर्हताएं प्रोन्नत व्यक्तियों की दशा में लागू होंगी या नहीं परिवीक्षा की अवधि, यदि कोई हो भर्ती की पद्धति: भर्ती सीधे होगी या प्रोन्नति द्वारा या प्रतिनियुक्ति/आमेलन द्वारा तथा विभिन्न पद्धतियों द्वारा भरे जाने वाले पदों की प्रतिशतता प्रोन्नति/प्रतिनियुक्ति/आमेलन द्वारा भर्ती की दशा में वे श्रेणियां जिनसे प्रोन्नति/प्रतिनियुक्ति/आमेलन किया जाएगा
    (7) (8) (9) (10) (11) (12)
    नहीं लागू नहीं होता लागू नहीं होता प्रोन्नत व्यक्तियों के लिए दो वर्ष प्रोन्नति/प्रतिनियुक्ति

    प्रोन्नति/प्रतिनियुक्ति :

    (I) केन्द्रीय सरकार के ऐसे अधिकारी :-

    (क) (i) जो नियमित आधार पर सदृश पद धारण किए हुए हैं, या

    (ii) जिन्होंने 5500-9000 रू . या समतुल्य वेतनमान वाले पदों पर तीन वर्ष नियमित सेवा की हो, या

    (iii) जिन्होंने 5000-8000 रू . या समतुल्य वेतनमान वाले पदों पर छह वर्ष नियमित सेवा की है, और

    (ख) जिनके पास निम्नलिखित शैक्षिक अर्हताएं और अनुभव है :-

    किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से हिन्दी में मास्टर डिग्री या समतुल्य साथ ही डिग्री स्तर पर अंग्रेजी एक विषय के रू प में रहा हो, या

    किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में मास्टर डिग्री या समतुल्य साथ ही डिग्री स्तर पर हिन्दी एक विषय के रू प में रहा हो, या

    किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से किसी विषय में मास्टर डिग्री या समतुल्य साथ ही डिग्री स्तर पर हिन्दी और अंग्रेजी विषयों के रू प में रहे हों, या

    किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से किसी विषय में मास्टर डिग्री या समतुल्य साथ ही डिग्री स्तर पर हिन्दी के रू प में और अंग्रेजी एक विषय के रू प में रहा हो, या

    किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से किसी विषय में मास्टर डिग्री या समतुल्य साथ ही डिग्री स्तर पर अंग्रेजी माध्यम के

    रू प में और हिन्दी एक विषय के रू प में रहा हो, और

    जिनके पास हिन्दी में शब्दावली कार्य का और/या अधिमानत संसदीय कार्य का अंग्रेजी से हिन्दी या हिन्दी से अंग्रेजी में अनुवाद कार्य का पांच वर्ष का अनुभव हो, या हिन्दी में शिक्षण अनुसंधान, लेकिन या पत्रकारिता का पांच वर्ष का अनुभव।

    (II) ऐसे विभागीय हिन्दी अनुवादक श्रेणी - I जिन्होंने उस श्रेणी में छह वर्ष नियमित सेवा की है । बाह्य व्यक्तियों के साथ विचार किया जाएगा यदि उसकी नियुक्ति के लिए चयन हो जाता है/जाती है तो वह प्रान्ेनति द्वारा भरा समझा जाएगा।

    प्रोषक प्रार्थी के ऐसे विभागीय अधिकारी जो प्रोन्नति की सीधी पंक्ति में हैं प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति के लिए विचार किए जाने के पात्र नहीं होंगंे। इसी पकार

    प्रतिनियुक्ति व्यक्ति प्रोन्नति द्वारा नियुक्ति के लिए विचार किए जाने के पात्र नहीं होंगेंे।

    (प्रतिनियुक्ति की अवघि, जिसके अंतर्गत केन्द्रीय सरकार के उसी या किसी अन्य संगठन/विभाग में इस नियुक्ति से ठीक पहले धारित किसी अन्य काडर बाह्य पद पर प्रतिनियुक्ति की अवधि है, साधारणतया तीन वर्ष से अधिक नहीं होगी।

    प्रतिनियुक्ति द्वारा नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तारीख से 56 वर्ष से अधिक नहीं होगी )

    यदि विभागीय प्रोनति समिति है तो उसकी संरचना भर्ती करने में किन परिस्थितियों में संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श किया जाएगा
    (13) (14)
    लागू नहीं होता संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श करना आवश्यक है।

    [फा.सं. एफ 4(1)/2001-प्रशासन]

    डी. आर. तिवारी, संयुक्त सचिव

    टिप्पण :- मूल नियम भारत के राजपत्र में सं.सा.का.नि. 1850 तारीख 29 नवम्बर, 1963 द्वारा प्रकाशित किए गए और पश्चात्वर्ती संशोधन

    सा.का.नि. 1715 तारीख 9 दिसंबर, 1977 द्वारा किए गए थे ।