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सचिव

श्री सुरेन्द्र नाथ त्रिपाठी
श्री सुरेन्द्र नाथ त्रिपाठी
सचिव

सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी आईएएस (ओडिशा 1985) का जीवनवृत्त

एस एन त्रिपाठी - अपने दोस्तों और शुभचिंतकों के लिए श्री सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की और बाद में ल्यूब्लज़ना स्लोवेनिया विश्वविद्यालय से सार्वजनिक नीति में एमबीए किया। इन्होंने ग्रामीण बैंक में काम किया और प्रशासनिक सेवा में जाने से पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय में व्याख्यान दिया।

सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी 1985 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हुए थे और ओडिशा में विभिन्न पदों पर कार्य किया जैसे पंचायती राज विभाग में निदेशक, विशेष परियोजना का पद संभालने से पहले देवगढ़ और झारसुगुडा में उप जिलाधीश, कटक में डीआरडीए के परियोजना निदेशक और संबलपुर में कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट के पद पर कार्य किया।

श्री त्रिपाठी ने यूनिसेफ के लिए समुदाय आधारित सामान्य सेवा और प्रोजेक्ट हंगर पर सलाहकार के रूप में संक्षिप्त कार्यकाल सहित, उड़ीसा स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक में प्रबंध निदेशक, उड़ीसा स्टेट फाइनेंशियल कॉरपोरेशन में प्रबंध निदेशक और उड़ीसा राज्य लघु उद्योग निगम में प्रबंध निदेशक के रूप में काम किया। इन्होंने 2003 से 2013 तक पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग में सचिव के पद पर नियुक्त किए जाने से पूर्व कटक के राजस्व मंडल आयुक्त के रूप में काम किया। प्रियासाफ्ट वेब आधारित लेखा प्रणाली के माध्यम से सभी ग्राम पंचायतों की लेखांकन प्रणाली को मजबूत करने में इनके कार्य को भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया जिसके अंतर्गत रू.50 लाख का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया और जिसे बाद में 3 स्तरीय पंचायती राज संस्थानों के पूर्ण स्वचालन के लिए अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाया गया।

सचिव पंचायती राज के रूप में श्री त्रिपाठी ने कंक्रीट सड़क योजना आरंभ की जिसे लोगों की काफी प्रशंसा मिली और इन्होंने सड़क की कच्चा मरम्मत प्रथा - "सड़क कच्ची तो नौकरी पक्की" का अंत किया।

सचिव सूचना प्रौद्योगिकी होने के नाते इन्होंने आईआईआईटी भुवनेश्वर की शुरूआत की और इसे रिकॉर्ड समय में स्थापित किया तथा ग्रामीण विकास विभाग में संपूर्ण फाइलिंग और दस्तावेज़ प्रबंधन प्रणाली को स्वचालित बनाने के लिए इन्हें राज्य विजेता का सम्मान प्रदान किया गया, जोकि बाद में कार्यालय स्वचालन में एक संदर्भ मानक (बैंचमार्क) बन गया।

अप्रैल 2013 में श्री त्रिपाठी ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में कार्यभार संभाला और खादी और जूट क्षेत्र के संवर्धन के लिए कार्य किया तथा बाद में एनएसआईसी, आईटीपीओ, डीएसआईआईडीसी और जीआईटीए की प्रबंधन समिति/बोर्डों के साथ-साथ कयर बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में (14 जून से 15 नवंबर तक) कार्य किया। इन्होंने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय को व्यावसायिक पहल करने को सुलभ बनाने के भाग के रूप में ईऑफ़िस आईएसओ 9001: 2008 प्रमाणन और उद्योग आधार के लिए अथक रूप से कार्य किया। पदोन्नति होने पर, श्री त्रिपाठी ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम में विकास आयुक्त के रूप में तथा कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव और वित्तीय सलाहकार रूप में कार्य किया।

श्री त्रिपाठी 1 मार्च 2018 को पदोन्नत होने पर सचिव, संसदीय कार्य मंत्रालय के रूप में कार्यरत हैं।

सदैव सीखने के लिए तत्पर श्री त्रिपाठी सोशल मीडिया समर्थक है और इन्होंने व्यापक रूप से अमरीका, ब्रिटेन, पीआरसी यूरोप ऑस्ट्रेलिया तथा रवांडा और दक्षिण अफ्रीका जैसे अफ्रीका के कुछ भागों सहित दक्षिण पूर्व एशिया की यात्रा की।

एसएन त्रिपाठी आईएएस
सचिव, संसदीय कार्य मंत्रालय,
कमरा नंबर 8, संसद भवन, नई दिल्ली