प्रस्तावना और प्रशासनिक संरचना
प्रस्तावना
1.1 संसदीय प्रणाली की सरकार में, विभिन मंत्रालयों/विभागों के समय और साधनों का एक
बहुत बडा भाग संसदीय प्रणाली के दिन-प्रतिदिन कार्यचालन पर व्यय होता है। किसी एक
समय के दौरान संसदीय कार्यक्रम में सरकार के विभिन/विभागों से संबंधित बहुत से जटिल
मामले वित्तीय, विधायी और गैर-विधायी शामिल होते है। संसदीय कार्य मंत्रालय, यधपि
एक छोटा सा मंत्रालय है परन्तु केन्द्रीय सरकार का एक महत्वपूर्ण मंत्रालय है। संसद
में सरकार की ओर से इस विविध और विपुल, संसदीय कार्य को कुशलतापूर्वक करने का कार्य
संसदीय कार्य मंत्रालय को सौंपा गया है। इस प्रकार संसदीय कार्य मंत्रालय संसद में
सरकारी कार्य के संबंध में सरकार एवं संसद के दोनों सदनों के बीच एक महत्वपूर्ण
समन्वय कड़ी के रूप में कार्य करता है। मई 1949 में मुख्यत इस कार्य के लिए एक
विभाग के रूप में इसकी स्थापना की गई थी परन्तु अब यह एक महत्वपूर्ण मंत्रालय है।
1.2 संविधान के अनुच्छेद 77(3) के अधीन बनाए भारत सरकार के (कार्य आबंटन) नियम,
1961 के अधीन मंत्रालय को सौपें गए कार्य परिशिष्ट-1 में दिए गए है।
1.3 यह मंत्रालय संसदीय कार्य संबंधी मंत्रिमंडल की समिति को सचिवालय सहायता प्रदान
करता है जोकि अन्य बातों के साथ-साथ संसद के सत्र बुलाए जाने और उनका सत्रावसान करने
के संबंध में सिफारिश करती है।
1.4 मंत्रालय सरकार के विभिन मंत्रालयों से संसद में लम्बित विधेयकों, पुर:स्थापित
किए जाने वाले नये विधेयकों और अध्यादेशों के प्रतिस्थापक विधेयकों के संबंध में
निकट सम्पर्क बनाए रखता है। मंत्रालय विधेयकों की प्रगति पर निरन्तर निगरानी रखता
है। यह निगरानी विधेयकों के प्रारूप के मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदन की अवस्था से
लेकर विधेयक के संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित होने तक रखी जाती है। संसद में
विधेयक पारित होने संबंध कार्रवाई के सुचारू रूप से पूरा होने को सुनिश्चित करने के
लिए इस मंत्रालय के अधिकारी विधेयक प्रायोजित करने वाले मंत्रालय/विभागों तथा
विधि,न्याय तथा कम्पनी कार्य मंत्रालय जोकि विधेयक का प्रारूपण करता है, के
अधिकारियों से सतत सम्पर्क बनाए रखते हैं।
1.5 मंत्रालय संसद सदस्यों की परामर्शदात्री समितियां गठित करता है और अन्त:सत्रावधि
के दौरान समितियों की बैठकें आयोजित करने के लिए व्यवस्था करता है। इस समय मंत्रालयों
से सम्बद्व ऐसी 29 समितियां है जिन्हें वर्ष में लगभग 177 बैठकें आयोजित करनी होती
है। इन समितियों के गठन और कार्यचालन को विनियमित करने के लिए मार्ग-निर्देशिका यह
मंत्रालय तैयार करता है। परामर्शदात्री समितियों द्वारा गठित किसी भी उप समिति/
अध्ययन ग्रुप के संबंध में अधिसूचनाएं भी इस मंत्रालय द्वारा जारी की जाती है।
1.6 यह मत्रालय संसद में मंत्रियों द्वारा दिए गए आश्वासनों के शीघ्र और उपयुक्त
कार्यान्वयन के लिए अन्य मंत्रालयों के साथ कार्रवाई करता है।
1.7 इसके अतिरिक्त कई अन्य कार्य की मदें इस मंत्रालय को आबंटित की गयी है जिनमें
संसद सदस्यों,संसद के दोनों सचिवालयों और विभिन मंत्रालयों के बीच सम्पर्क कार्य
निहित है। संसद सदस्यों का कल्याण और उनकी सुविधाएं संबंधी महत्वपूर्ण कार्य भी इस
मंत्रालय को सौपें गए है। संसदीय कार्य मंत्री, सरकार द्वारा गठित विभिन
समितियों,परिषदों,बोर्डों आयोगों आदि पर सदस्यों को नामांकित करता है। यह मंत्रालय
संसद अधिकारी वेतन और भत्ता अधिनियम,1953, संसद सदस्य वेतन,भत्ता और पेंशन अधिनियम,
1954, संसद में विपक्षी नेता वेतन और भत्ता अधिनियम,1977 और संसद में मान्यता
प्राप्त दलों और ग्रुपों के नेता मुख्य सचेतक (सुविधाएं) अधिनियम, 1998 की व्यवस्था
भी करता है।
1.8 संसदीय प्रजातंत्र की जड़ों को मजबूत करने और अनुशासन और दूसरों के विचार के
प्रति सहनशीलता जैसी स्वस्थ आदतों को डालने और विद्यार्थी समुदाय को संसद के
कार्यचालन की अधिक सद्यन जानकारी देने के लिए यह मंत्रालय राष्ट्रीय राजधानी
क्षेत्र दिल्ली सरकार के अधीन विद्यालयों और पूरे देश के केन्द्रीय विद्यालयों
संगठन के अधीन विद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच युवा संसद प्रतियोगिताओंश्का
आयोजन करता है। भारत की स्वतंत्रता की स्वर्ण जयन्ती मनाने के एक भाग के रूप में
नवोदय विद्यालय समिति के विद्यालयों को केन्द्रीय विद्यालयों के नमूने पर राष्ट्रीय
युवा संसद प्रतियोगिताओं की योजना में पहली बार सम्मिलित किया गया है। वर्ष 1997-98
के दौरान विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और भारतीय विश्वविद्यालय संघ के सहयोग से पूरे
देश के विश्वविद्यालयों/कालेजों में भी पहली बार युवा संसद योजना को प्रारम्भ किया
गया। यह मत्रालय उच्चतम माध्यमिक विद्यालयों और कालेजों के विद्यार्थियों के बीच
संसदीय प्रक्रियाओं,सांविधानिक प्रावधानों और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास पर
संसदीय प्रश्नोतरी प्रतियोगिताएं भी आयोजित करता है।
1.9 किसी भी देश में संसदविद विदेश नीति को स्वरूप प्रदान करने और अन्य देशों से
संबंधों को बनाने में योगदान देते हैं। विशेषकर, वर्तमान अंतर्राराष्ट्रीय परिदृश्य
मे, भारत सरकार के लिए यह आवश्यक और उपयोगी है कि वह कुछ संसद सदस्यों का चयन करें
और उनका इस कार्य के लिए प्रभावी ढंग से उपयोग करें कि वे अन्य देशों में उनके
प्रतिरूप व्यक्तियों को हमारी नीतियों,उपलब्धियों और विभिन क्षेत्रों में समस्याओं
को स्पष्ट करके उनको अपने पक्ष में कर सकें। इन उदद्श्यों को ध्यान में रखते हुए यह
मंत्रालय संसद सदस्यों के शिष्टमंडलों के अन्य देशों के दौरे प्रायोजित करता है और
अन्य देशों की सरकार द्वारा प्रायोजित संसदीय शिष्टमंडल के भारत के दौरे का आयोजन
भी करता है।
संगठनात्मक संरचना
1.10 मंत्रालय ने दिनांक 29.1.2003 तक एक कैबिनेट मंत्री के अधीन कार्य किया । उनकी
सहायतार्थ दो राज्य मंत्री थे। तथापि दिनांक 30.1.2003 से मंत्रालय एक कैबिनेट
मंत्री के अधीन कार्य कर रहा है, जिनकी सहायतार्थ तीन राज्य मंत्री हैं। कैबिनेट
मंत्री /राज्य मंत्री जो संसदीय कार्य मंत्रालय के प्रभारी थे अथवा अब हैं, का
विवरण निम्न प्रकार से है:-
I. उन मंत्रियों के नाम जिन्होंने दिनांक 29 जनवरी, 2003 को मंत्रालय का कार्यभार
छोड़ दिया
1. श्री प्रमोद महाजन
संसदीय कार्य, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री
2. श्री संतोष कुमार गंगवार
पैट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री
3. श्री ओ. राजगोपाल
संसदीय कार्य और शहरी विकास और गरीबी उपशमन राज्य मंत्री
(श्री ओ. राजगोपाल, जिन्होंने रेल राज्य मंत्री का कार्यभार भी संभाला हुआ था, ने
दिनांक 1.7.2002 को उसे छोड़ दिया है। दिनांक 1.7.2002 को उन्होंने शहरी विकास और
गरीबी उपशमन राज्य मंत्री का कार्यभार संभाल लिया है)।
II. उन मंत्रियों के नाम जिन्होंने दिनांक 29/30 जनवरी, 2003 से मंत्रालय का प्रभार
संभाला है
1. श्रीमती सुषमा स्वराज
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा संसदीय कार्य मंत्री दिनांक (29.1.2003 से)
2. श्री ओ. राजगोपाल
रक्षा मंत्रालय और संसदीय कार्य मंत्रालय
मे राज्य मंत्री (दिनांक 30.1.2003 से)
3. श्री विजय गोयल
संसदीय कार्य मंत्रालय और श्रम मंत्रालय मे राज्य मंत्री (दिनांक 29.1.2003 से)
4. श्रीमती भावनाबेन देवराजभाई चिकलिया
संसदीय कार्य मंत्रालय तथा पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय मे राज्य मंत्री (दिनांक
29.1.2003से)
1.11 मंत्रालय के प्रशासनिक प्रमुख भारत सरकार के सचिव है और उनकी सहायतार्थ एक
संयुक्त सचिव, और छह अवर सचिव है।